नई दिल्ली/रोहतक: NEET परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने वाली हरियाणा की सरकारी शिक्षिका सुलेखा दलाल को सरकार ने तुरंत प्रभाव से बहाल कर दिया है। चौतरफा दबाव और सोशल मीडिया पर जनता के भारी विरोध के बाद सरकार को अपना सस्पेंशन का फैसला वापस लेना पड़ा है।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, नीट (NEET UG) परीक्षा के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश भर के छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी प्रदर्शन में हरियाणा के रोहतक जिले की सरकारी शिक्षिका सुलेखा दलाल भी छात्रों का समर्थन करने और उनकी आवाज़ बुलंद करने पहुँची थीं।
प्रदर्शन के दौरान जब सुलेखा दलाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो शिक्षा विभाग ने इसे आचार संहिता और सरकारी नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन्हें तुरंत सस्पेंशन (निलंबन) का नोटिस थमा दिया था।
सोशल मीडिया पर फूटा था जनता का गुस्सा
जैसे ही हरियाणा की इस निडर शिक्षिका के सस्पेंशन की खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर ‘Kalu Times’ समेत तमाम प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। युवाओं और किसान संगठनों ने सरकार के इस कदम को तानाशाही बताया और मांग की कि छात्रों के हक में आवाज़ उठाने वाली टीचर को तुरंत बहाल किया जाए।
सरकार को झुकना पड़ा, बहाली के आदेश जारी
जनता के बढ़ते आक्रोश और विपक्ष के हमलों के बाद शिक्षा विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा। विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए सुलेखा दलाल के सस्पेंशन ऑर्डर को रद्द कर दिया है और उन्हें वापस ड्यूटी पर बहाल कर दिया है। इस फैसले के बाद छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि यह सच्चाई और युवाओं की एकजुटता की जीत है।